तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह इमामी काशानी ने म्यांमार के मुसलमानों के नरसंहार पर तथाकथित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की खामोशी की कड़ी निंदा की है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने म्यांमार और दूसरे देशों में मुसलमानों के नरसंहार की निंदा करते हुए कहा कि नरसंहार का यह षड़यंत्र, इस्लामी जागरूकता का मुक़ाबला करने के लिए साम्राज्यवादी शक्तियों ने रचा है। तेहरान के इमाम जुमा ने इसी प्रकार क्षेत्र और विशेष रूप से बहरैन व मिस्र में इस्लामी चेतना के विरूद्ध शत्रुओं के षडयंत्रों से ख़बरदार करते हुए यह आशा की कि क्षेत्रीय देशों में इस्लामी चेतना और क्रांतियां अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। तेहरान के इमाम जुमा ने क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों और इस्लामी चेतना को क्षति पहुंचाने के लिए विश्व साम्राज्य के षडयंत्रों का उल्लेख करते हुए विश्व भर के मुसलमानों से अपील की है कि वे सचेत रहें। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने सीरिया के आंतरिक मामलों में विदेशियों के हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा है कि सीरिया की जनता और सरकार सूझबूझ व दूरदर्शिता द्वारा सभी षडयंत्रों को विफल बना देगी तथा समस्याओं का समाधान खोज लेगी। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने इसी प्रकार रमज़ान के पवित्र महीने और रोज़ों के लाभ पर चर्चा करते हुए कहा कि रोज़ा जीवन की विभिन्न समस्याओं से मुकाबला करने के लिए क्षमता प्राप्त करने का अभ्यास है।समाचार समाप्त......166
तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमाः
म्यांमार नरसंहार पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की खामोशी निंदनीय
26 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 332321
तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह इमामी काशानी ने म्यांमार के मुसलमानों के नरसंहार पर तथाकथित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की खामोशी की कड़ी निंदा की है.............